रतलाम/4 वर्षो के बाद हुआ पूज्य महासतिया जी का मंगल प्रवेश ; जीवन बहुत छोटा है इसे व्यर्थ ना करें : तप चकेश्वरी अरुणप्रभा म. सा.
रतलाम 20 अप्रेल। जीवन बहुत छोटा है, इसे व्यर्थ करने के बजाय श्रेष्ठ और कलरफुल बनाना चाहिए। हजारों कल बीत गए और हजारों कल आएँगे, लेकिन आज एक ही है। अतः वर्तमान में जिएं, फूलों की तरह खिलें और अपने जीवन में थोड़ा-थोड़ा धर्म अवश्य जोड़ें। उक्त विचार श्रमण संघीय जैन दिवाकरीय आयाम्बिल तप आराधिका…
