रतलाम/मृत्यु के बाद भी जीवित रहेगी मानव सेवा की भावना : घोटा परिवार के 4 सदस्यों ने लिया देहदान का प्रेरक संकल्प
“देह मिटती है, लेकिन सेवा अमर हो जाती है” रतलाम/शहर के घासजाजार निवासी धर्मनिष्ठ श्रावक स्व. पूनमचंद घोटा के सुपुत्र मणिलाल घोटा, पुत्रवधु श्रीमती मधु घोटा, पौत्र मयंक घोटा एवं पौत्रवधु श्रीमती पूनम घोटा ने सामूहिक रूप से देहदान का संकल्प लेकर समाज के समक्ष मानवता, संवेदनशीलता और सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।…
