रातलम 13 अप्रेल रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ और जल्दबाजी के कारण कई बार यात्रियों के साथ गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। हालांकि Government Railway Police (GRP) एवं रेलवे प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जाती है, फिर भी कुछ छोटे-छोटे सुधारों से इन होने वाले हादसों को और अधिक प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
यह बात भाजपा की पूर्व पार्षद, महिला नेत्री और टांक महासभा की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सीमा टांक DRM आश्विन कुमार को लिखें पत्र कही उन्होंने पत्र में बताया की हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के दौरान देखा गया कि चलती ट्रेन में चढ़ते समय एक यात्री असंतुलित होकर ट्रेन के नीचे आ गया ओर उसकी जान चली गई, इस प्रकार की घटनाएं अक्सर केवल पूर्व चेतावनी के अभाव में घटित होती हैं।
सीमा टांक ने DRM को यह सुझाव दिए
ट्रेन के प्रस्थान से कम से कम 1 मिनट पूर्व प्रत्येक डिब्बे/प्लेटफॉर्म पर तेज अलार्म या प्रेशर हॉर्न बजाने की व्यवस्था की जाए।
प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट एवं बार-बार ऑटोमैटिक घोषणाएं कर यात्रियों को सचेत किया जाए।
चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने पर सख्त प्रतिबंध एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्लेटफॉर्म पर पीली सुरक्षा रेखा के पीछे खड़े रहने के नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए।
भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
मेरा विश्वास है कि इन सरल एवं व्यवहारिक उपायों से अनेक अमूल्य जीवनों की रक्षा की जा सकती है।
सीमा टांक ने पत्र में लिखा की मुझे आशा है कि आप इस विषय की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे।

