
रतलाम 18 मई शहर के त्रिवेणी जोन अंतर्गत स्थित पैलेस बिजली सबस्टेशन चौकी पर बीती रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां आधी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच जमकर हंगामा, तोड़फोड़ और कर्मचारियों को धमकाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन में हलचल मचा दी है। चौकी पर ड्यूटी कर रहे आउटसोर्स ऑपरेटर ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग जबरन चौकी में घुसे, गाली-गलौज की, मारपीट का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी। मामले में थाना स्टेशन रोड पर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
जानकारी के अनुसार, गर्मी के चलते शहर में देर रात बिजली के फेज़ बंद-चालू होने की समस्या बनी हुई थी। इसी को लेकर कुछ लोग आक्रोशित होकर पैलेस सबस्टेशन पहुंचे। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि चौकी पर मौजूद कर्मचारी नवीन राव के साथ अभद्रता करते हुए चौकी में तोड़फोड़ की गई। स्थिति से घबराए कर्मचारी ने खुद को कंट्रोल रूम में बंद कर लिया। इसके बावजूद बाहर खड़े लोगों ने लगातार धमकियां दीं और पत्थरबाजी भी की।
घटना के दौरान डरे-सहमे ऑपरेटर ने तत्काल चीता पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पीड़ित कर्मचारी नवीन राव (निवासी धमनोद) ने थाना स्टेशन रोड पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें स्पष्ट रूप से पार्षद सलीम बागवान का नाम लेते हुए आरोप लगाया गया कि वे घटना स्थल पर पहुंचे और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए चौकी पर तोड़फोड़ की गई।
मामले में सबसे अहम कड़ी अब चौकी पर लगे सीसीटीवी कैमरे माने जा रहे हैं। नवीन राव का कहना है कि पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और फुटेज सामने आने के बाद सच खुद-ब-खुद उजागर हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर, नामजद पार्षद सलीम बागवान ने थाने पहुंचकर खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि वे केवल बिजली समस्या को लेकर चर्चा करने गए थे और तोड़फोड़ या विवाद से उनका कोई संबंध नहीं है। फिलहाल स्टेशन रोड थाना पुलिस शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
आधी रात हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं — क्या जनप्रतिनिधि पर लगे आरोप सही हैं, या मामला किसी गलतफहमी का परिणाम है? अब सबकी नजर पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज पर टिकी है।

