अवैध मयखाना और बीयर बार भी सील, ‘नामली मेरी जान’ पेज के एडमिन दिलीप ठाकुर सहित 3 पर केस दर्ज
रतलाम/नामली के पंचेड़ रोड स्थित ‘तुलसी वाटर पार्क’ में चल रहे काले कारनामों का पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। पुलिस कप्तान (SP) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जाल बिछाकर वाटर पार्क के भीतर चल रहे हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट और अवैध मयखाने को रंगे हाथों पकड़ा। इस कार्रवाई में टूरिस्ट वीजा पर भारत आईं थाइलैंड की तीन युवतियों सहित एक अन्य महिला और युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में वाटर पार्क संचालक दिलीप ठाकुर और दो अन्य लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
महिला पुलिस टीम ने ‘गेम’ खेलकर दबोचा, वाटर पार्क में थे गोपनीय कमरे
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि वाटर पार्क की आड़ में अंदर गोपनीय कमरे बनाकर मसाज सेंटर के नाम पर देह व्यापार और अवैध बीयर बार चलाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सैलाना एसडीओपी (SDOP) और रतलाम की महिला पुलिस टीम ने एक चक्रव्यूह रचा दोपहर करीब 2 बजे महिला पुलिसकर्मी आम युवतियां और ग्राहक बनकर वाटर पार्क के भीतर दाखिल हुईं और अंदर की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी। जैसे ही अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई, टीम ने इशारा मिलते ही छापा मार दिया और मौके से आरोपियों को धर दबोचा।
टूरिस्ट वीजा पर थाइलैंड से बुलाई गई थीं युवतियां
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़ी गई थाइलैंड की तीन युवतियां टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थीं। उन्हें यहां सिर्फ मसाज के बहाने बुलाकर अवैध रूप से देह व्यापार के दलदल में धकेला गया था। छापे के दौरान वाटर पार्क से भारी मात्रा में अवैध शराब और बीयर भी बरामद हुई है, जो बिना किसी लाइसेंस के वहां आने वाले रईसजादों को परोसी जा रही थी।
‘नामली मेरी जान’ पेज का एडमिन निकला मुख्य आरोपी,चर्चाओं का बाजार गर्म
इस पूरे रैकेट का मुख्य चेहरा दिलीप ठाकुर बताया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘नामली मेरी जान’ नाम से एक बेहद लोकप्रिय पेज बना रखा है,जिसके हजारों सब्सक्राइबर्स हैं। इस कार्रवाई के बाद दिलीप ठाकुर का असली चेहरा समाज के सामने उजागर हो गया है। नगर में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और चर्चा है कि सोशल मीडिया पर नामली की साख का दम भरने वाले लोग ही पर्दे के पीछे ऐसे घिनौने और अवैध धंधों में लिप्त हैं।
थाना प्रभारी पर भी उठे सवाल,’मासिक बंधी’ की चर्चा तेज
इस हाईप्रोफाइल छापे मार कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। सुत्रों का दावा है कि थाना प्रभारी अमित कोरी की कथित ‘मासिक अवैध बंधी’ (रिश्वत) के चलते ही इतने समय से यह अवैध वाटर पार्क और देह व्यापार बिना किसी डर के फल-फूल रहा था। स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे चल रहे इस खेल पर सीधा एसपी की टीम द्वारा एक्शन लिया जाना इस बात की पुष्टि करता है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नामों का खुलासा होने की उम्मीद है।

