इंदौर/नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने पर कॉंग्रेस के ख़िलाफ़ फूटा जनआक्रोश ; महिला मोर्चा ने निकाली कॉंग्रेस की अर्थी,पुतला दहन किया,बड़ी संख्या में महिलाए शामिल हुई

कांग्रेस ने हमेशा से महिलाओं को मिलने वाले अधिकार का विरोध किया है -सावित्री ठाकुर

‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का विरोध देश की आधी आबादी का अपमान है -मालिनी गौड

इंदौर 01 मई /नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाली कॉंग्रेस के ख़िलाफ़ भाजपा महिला मोर्चा ने केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड, महेंद्र हार्डिया व मधु वर्मा, सुदर्शन गुप्ता, अंजू माखीजा, प्रदेश सहमीडिया प्रभारी आलोक दुबे, महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष शैलजा मिश्रा की उपस्थिति में चिक मंगलूर चौराहे से श्रीराम मंदिर खातीपूरा तक जनाक्रोश पैदल मार्च निकाला।

मार्च से पहले केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने और देश की संसद व राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून लेकर आए। लेकिन हमेशा की तरह कांग्रेस ने महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार ” नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का विरोध किया है। प्रधानमंत्री जी ने महिलाओं के सम्मान के लिए स्वच्छता अभियान के तहत देशभर में दस करोड़ से अधिक इज्जत घर बनवाए हैं। प्रधानमंत्री जी गरीबों को पीएम आवास योजना के तहत पक्के आवास बनाकर दे रहे हैं, जिसमें मकान का मुखिया घर की महिला को बनाया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों के जरिए मध्यप्रदेश और देश की करोड़ों बहनों को रोजगार और स्व-वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब हमारी बेटियां सेना में भी अदम्य साहस का परिचय दे रही हैं तो उन्हें अधिकार संपन्न बनाने में किसी भी पार्टी को रोड़ा नहीं अटकाना चाहिए। कांग्रेस ने महिला विरोधी मानसिकता के चलते लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का विरोध किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकारें महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। लोकसभा में जिस तरह विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की खिलाफत की है उसके खिलाफ आज पूरे देश में महिलाएं आक्रोशित हैं।

विधायक मालिनी गौड ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा में सिर्फ एक अधिनियम का विरोध कर देश की आधी आबादी का अपमान किया है। मध्यप्रदेश और देश की नारी शक्ति कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा किए गए अपमान का सबक जरूर सिखाएगी। प्रधानमंत्री जी ने देश की आधी आबादी को उनका संवैधानिक अधिकार देने का ऐतिहासिक प्रयास किया था, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने हमारी बहनों को अधिकार नहीं मिलने दिया।

वरिष्ठ नेत्री अंजू माखीजा ने कहा कि कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन के रूप में सिर्फ एक अधिनियम का विरोध नहीं किया है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। प्रधानमंत्री जी निःशुल्क शौचालय, उज्ज्वला गैस, नल से जल, मुद्रा योजना, तीन तलाक को खत्म कर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। यह पहला मामला नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के अधिकार छीनने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तीन तलाक को लेकर कानून बनाकर देश की करोड़ों मुस्लिम महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया है।

मार्च में बड़ी संख्या में महिलाए शामिल हुई। कॉंग्रेस के कृत्य के विरोध स्वरुप महिलाएं काले वस्त्रों में मार्च में शामिल हुई। मार्च में महिलाओ ने कॉंग्रेस को नहीं है स्वीकार भारत की महिलाओ का अधिकार, नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, सोनिया गांधी – प्रियंका गांधी सदन में, देश की महिलाएं अधर में के नारे लिखी हुई तख्तियां हाथों में लेकर चल रही थी। एक कार्यकर्ता ने हाथों में हाँडी लेकर कॉंग्रेस की अर्थी के आगे आगे चल रही थी। राम नाम सत्य है- कॉंग्रेस भ्रष्ट है के नारे भी गुंजायमान थे। महिला कार्यकर्ता कॉंग्रेस की अर्थी को कंधों पर उठाकर चल रही थी। बैंड पर राम धुन बज रही थी। खाती पूरा चौराहे पर अर्थी से महिला आरक्षण का विरोध करने वाली कॉंग्रेस की अर्थी से पुतले को निकाल कर दहन किया गया।

इस अवसर पर श्रेष्ठा जोशी, दीप्ति हाडा, स्वाति काशीद, कंचन गिदवानी, नेहा शर्मा, मंजू ठाकुर, इंदु श्रीवास्तव, शैलजा मिश्रा, वृंदा गौड, पद्मा भोजे, निधि बंग, सोनाली धारकर, पूजा पाटीदार, राधा ठाकुर, सविता अखंड, रचना गुप्ता, माधुरी जायसवाल, शिखा दुबे, भावना चौधरी, हरप्रीत सिंह बक्शी, राकेश शर्मा, भारत पारख, वरुण पाल, सचिन बंसल, हेमराज वाडिया, रितेश शर्मा, नितिन शर्मा, विशाल यादव, राजा कोठारी, रूपाली पेंढारकर, नीता शर्मा, शीला गुप्ता, सुनीता पीपलोदीया, सुनीता जयपाल, गायत्री कुमावत, राधा राठौर, नारायणी बरेठा, बुलबुल वर्मा, गीता राजपूत, सोनिका केजरीवाल सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

मातृशक्ति के सम्मान में मंच के सामने खड़े रहे पुरुष नेता
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित इस मार्च में मातृशक्ति को सम्मान देने के लिए भाजपा के पुरुष नेता मंच पर नहीं गए, मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, सुदर्शन गुप्ता ने चिकमंगलूर चौराहे पर मंच के सामने खड़े होकर मातृशक्ति को ही मंच समर्पित कर दिया।

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