
इंदौर। आर्ट ऑफ लिविंग वैदिक धर्म संस्थान एवं नयनतारा स्पोर्ट्स एंड योगा वेलफेयर सोसायटी, इंदौर द्वारा परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के 70वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले 21 नवयुगल जोड़ों के निःशुल्क भव्य ग्रामीण वैदिक सामूहिक विवाह समारोह को लेकर शुक्रवार को अभिनव कला समाज, गांधी हॉल, इंदौर में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

प्रेस वार्ता में आयोजन की रूपरेखा, सामाजिक उद्देश्य, वैदिक परंपराओं के महत्व एवं विवाह संस्कार की आध्यात्मिक और सामाजिक उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।
वक्ताओं ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग पिछले 45 वर्षों से मानवता, सेवा, संस्कार, योग, ध्यान एवं तनावमुक्त समाज के निर्माण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के 70वें जन्मवर्ष को सेवा और सामाजिक समर्पण की यादगार के रूप में मनाते हुए यह विशेष सामूहिक विवाह आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वैदिक धर्म संस्थान द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि वैदिक रीति-रिवाजों, मंत्रोच्चार और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर आधारित एक पवित्र एवं स्थायी बंधन है। यह आयोजन समाज में समरसता, संस्कार और सहयोग की भावना को सशक्त करता है तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में सहयोग प्रदान करता है।
आयोजकों ने जानकारी दी कि इस सामूहिक विवाह समारोह में आदिवासी समाज की कन्याएँ भी शामिल होंगी। इन नवविवाहित कन्याओं को आशीर्वाद स्वरूप लगभग ₹50,000 तक का गृहस्थी उपयोगी सामान कन्यादान के रूप में प्रदान किया जाएगा। इसमें अलमारी, पलंग, बिछिया तथा दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली अन्य आवश्यक सामग्री शामिल रहेगी, जिससे नवदंपत्तियों को अपने नए जीवन की शुरुआत में सहयोग मिल सके।
प्रेस वार्ता के दौरान गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के संदेश का उल्लेख करते हुए बताया गया कि विवाह गृहस्थ आश्रम की शुरुआत का प्रतीक है, जो जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण माना गया है। वैदिक परंपरा में गृहस्थ आश्रम ही परिवार, समाज और संस्कृति के संरक्षण एवं पोषण का आधार है।
गुरुदेव के संदेश में कहा गया कि एक विवाहित दंपति अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कारों और मूल्यों का पवित्र मिलन है।
प्रेस वार्ता में विवाह के तीन प्रमुख उद्देश्यों का भी उल्लेख किया गया
धर्म — परिवार और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना।
प्रजा — संतानों के माध्यम से परिवार और संस्कृति का विस्तार करना।
श्रद्धा — विश्वास, प्रेम और आध्यात्मिक भावना के साथ जीवन के आवश्यक अनुष्ठानों का पालन करना।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में वैदिक सामूहिक विवाह जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक सहयोग की भावना को संरक्षित एवं मजबूत करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर
मनीष सोनी,राजेन्द्र चौहान,मुकेश खंडेलवाल,सुरेश पटेल उपस्थित रहे एवं मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया।
आयोजकों ने सभी पत्रकार बंधुओं एवं समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए समारोह में अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया।
उक्त जानकारी आर्ट ऑफ लिविंग राज्य मीडिया प्रभारी अनुराग त्रिपाठी ने दी

