रतलाम में हाईटेक साइबर ठगी ; बिना ओटीपी कॉल के पटवारी के खाते से उड़े 2.93 लाख,रिमोट एक्सेस के जरिए ठगी की आशंका, साइबर सेल जांच में जुटी

रतलाम, 9 मई। रतलाम में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों के साथ पुलिस और बैंक प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। हैरानी की बात यह है कि इस ठगी में न तो कोई फर्जी कॉल आया, न किसी लिंक पर ओटीपी मांगा गया और न ही पीड़ित ने बैंक संबंधी जानकारी साझा की, इसके बावजूद खाते से करीब 2.93 लाख रुपये पार हो गए।
जानकारी के अनुसार काटजू नगर निवासी राजस्व विभाग में पदस्थ एक पटवारी के साथ ठगी की यह वारदात हुई है। उन्होंने मार्च माह में पारिवारिक जरूरतों के लिए अपने जीपीएफ खाते से 5 लाख रुपये निकाले थे, जो एसबीआई की कलेक्ट्रेट शाखा स्थित खाते में जमा थे। इसी खाते को साइबर ठगों ने निशाना बना लिया।

पुलिस के मुताबिक 27 अप्रैल को खाते से पहली बार 98 हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद 28 अप्रैल को 97 हजार 1 रुपये और 29 अप्रैल को फिर 98 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। इस तरह कुल 2 लाख 93 हजार 1 रुपये खाते से गायब हो गए।
पीड़ित पटवारी के अनुसार ठगी के दौरान उनके मोबाइल पर न कोई कॉल आया और न ही उन्होंने किसी को ओटीपी या बैंक डिटेल साझा की। 30 अप्रैल को जब उन्होंने बैंक बैलेंस चेक किया तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

औद्योगिक थाना क्षेत्र पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन खातों और माध्यमों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।

रिमोट एक्सेस के जरिए ठगी की आशंका

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला तकनीकी हैकिंग या मोबाइल के रिमोट एक्सेस से जुड़ा हो सकता है। कई बार किसी संदिग्ध वेबसाइट, फर्जी विज्ञापन या अनजान लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का कंट्रोल साइबर ठगों तक पहुंच जाता है। इसके बाद ठग चुपचाप मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और मौका मिलते ही बैंकिंग डिटेल, पासवर्ड व ओटीपी का इस्तेमाल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं।

ऐसे रहें सुरक्षित
-किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
-अनजान एप्लीकेशन मोबाइल में इंस्टॉल करने से बचें
– बैंक खाते में अनधिकृत ट्रांजेक्शन दिखते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें
– मोबाइल में सुरक्षा संबंधी एप और अपडेटेड सिक्योरिटी सिस्टम जरूर रखें

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