रतलाम में नशे का जाल फैलने का आरोप ; एमडी ड्रग्स, सट्टा और जुए के खिलाफ जनआंदोलन की चेतावनी, हिन्दू संगठन ने जताई चिंता, युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहे खतरे को बताया गंभीर

रतलाम। जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और नशे के कथित बढ़ते कारोबार को लेकर हिंदू संगठन ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हिंदू परिषद के पूर्व पदाधिकारी एवं हिंदूवादी नेता रामबाबू शर्मा ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि रतलाम शहर और जिले में एमडी ड्रग्स, सट्टा और जुए का अवैध कारोबार फिर से पैर पसार रहा है, जिसका सीधा असर युवाओं और समाज पर दिखाई दे रहा है।

शर्मा ने कहा कि हाल के दिनों में जिले में चाकूबाजी, हत्या, चोरी तथा अन्य आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उनका आरोप है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति इसके प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने दावा किया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम एमडी ड्रग्स की बिक्री के साथ-साथ सट्टा और जुए के अड्डे संचालित हो रहे हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई कर रहे कई युवा भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। नशे के कारण उनमें हिंसक प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं और छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवाद गंभीर घटनाओं का रूप ले रहे हैं। इससे सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।

रामबाबू शर्मा ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व भी रतलाम शहर एमडी ड्रग्स की समस्या से जूझ रहा था। उस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों द्वारा धरना-प्रदर्शन, मौन जुलूस और जनजागरण अभियान चलाकर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से नशे के कारोबार पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में पुनः नशे, सट्टे और जुए का कारोबार बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं। नशे की लत के कारण पारिवारिक संबंध प्रभावित हो रहे हैं और समाज में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

शर्मा ने पुलिस एवं प्रशासन से मांग की कि एमडी ड्रग्स, सट्टा और जुए के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है और इसे रोकना केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से भी युवाओं को नशे से दूर रखने और जागरूकता फैलाने की अपील की।

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