रतलाम। धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी रतलाम में पहली बार संतों का विराट समागम होने जा रहा है शिवोदय शिवशक्ति साधना सेवा संस्था के तत्वावधान में आगामी 17 जून को आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक आयोजन में पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा एवं तपोवन धाम के संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
यह आयोजन 13 अखाड़े के अध्यक्ष श्री श्री 1008 स्वामी रवींद्र पुरी जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न होगा इस अवसर पर ग्राम आडवाणीया के महंत श्री श्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक होगा ऐतिहासिक आयोजन को लेकर रतलाम सहित पूरे मालवा अंचल में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक उमंग का वातावरण बना हुआ है।
संस्था द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आयोजन स्थल अखंड ज्योत आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान एवं संत सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। देशभर से संत-महात्माओं, महामण्डलेश्वरों एवं धर्माचार्यों का आगमन होगा, जिनके सान्निध्य से आयोजन को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्राप्त होगी।
देशभर के संतों का मिलेगा सान्निध्य
इस अवसर पर पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर श्री 1008 आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज, श्री 1008 आचार्य महामण्डलेश्वर बालकानंद गिरि जी महाराज, श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी विवेकानंद गिरि जी महाराज, अखिल भारतीय संत महामंडल के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी हरिचेतनानंद गिरि जी महाराज, श्री 1008 स्वामी कृष्णानंद गिरि जी महाराज, श्री 1008 देवस्थानपति गिरि जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं धर्माचार्य उपस्थित रहेंगे।
सुबह निकलेगी संतों की भव्य शोभायात्रा
आयोजन के अंतर्गत प्रातः 9:30 बजे राम मंदिर से संतों की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में संत-महात्माओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी नागरिक एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके पश्चात प्रातः 11:30 बजे अखंड ज्योत आश्रम में महामण्डलेश्वर पदाभिषेक समारोह संपन्न होगा।
सनातन संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान
महामण्डलेश्वर पद पर प्रतिष्ठित होने जा रहे पूज्य महंत श्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज द्वारा सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उनके मार्गदर्शन में 1300 से अधिक लोगों की घर वापसी कराई गई तथा 24 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया। इसके अलावा गौसंवर्धन, सामाजिक जागरण एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए भी वे निरंतर कार्य कर रहे हैं।
तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप
आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के लिए संस्था के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजन समिति द्वारा शोभायात्रा मार्ग, संतों के स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। समिति सदस्यों ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।
धर्मप्रेमी जनता से सहभागिता का आह्वान
शिवोदय शिवशक्ति साधना सेवा संस्था ने देश, प्रदेश एवं शहर की धर्मप्रेमी जनता से इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आग्रह किया है। संस्था पदाधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन रतलाम की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करेगा तथा श्रद्धालुओं को देशभर से पधार रहे संत-महात्माओं के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर मिलेगा।
रतलाम में पहली बार आयोजित होने जा रहा यह विराट संत समागम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना के प्रसार और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक अध्याय साबित होगा

