
नामली (रतलाम) | इंदौर-नीमच फोरलेन पर नामली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जानलेवा ‘डेथ ट्रैप’ अब जल्द ही सुरक्षित जंक्शनों में तब्दील होंगे। लगातार हो रहे सड़क हादसों और जन आक्रोश के बाद मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) हरकत में आया है। गुरुवार को एमपीआरडीसी के उप संचालक अमित कुमार भूरिया ने नामली के प्रमुख क्रॉसिंग पॉइंट— पंचेड़ फंटा, पल्दुना फंटा, गोकुल चौराहा और मंडी गेट चौराहा का विस्तृत निरीक्षण किया।
प्रमुख बिंदुओं पर हुई तकनीकी चर्चा
निरीक्षण के दौरान समाजसेवी बंटी डाबी, वरिष्ठ नागरिक भगवती लाल गेहलोत और मुकेश जाट सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे। श्री भूरिया ने चारों प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। अधिकारी ने आश्वस्त किया कि यातायात को नियंत्रित करने के लिए नियमों के अनुसार स्पीड ब्रेकरों का निर्माण किया जाएगा और रात्रि में दृश्यता (Visibility) बढ़ाने के लिए सभी प्रमुख फंटों पर हाईमास्क लाइटें लगाई जाएंगी।
मुकेश कुमावत की मौत के बाद जागा प्रशासन
गौरतलब है कि पिछले दिनों फोरलेन क्रॉसिंग पर मुकेश कुमावत नामक युवक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से आक्रोशित सर्व समाज ने मृतक का दाह संस्कार फोरलेन सड़क पर ही करने का निर्णय लेकर चक्काजाम की स्थिति पैदा कर दी थी। दो दिनों तक चले भारी प्रशासनिक गतिरोध के बाद, एमपीआरडीसी अधिकारियों द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए थे।
बीते वर्षों के जख्मों पर हुई बात
निरीक्षण के दौरान समाजसेवी बंटी डाबी ने उप संचालक को पिछले वर्षों में इन पॉइंट्स पर हुई दर्जनों मौतों का हवाला देते हुए विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह तकनीकी खामियों और अंधेरे के कारण ये चौराहे ग्रामीणों के लिए काल बन रहे हैं।
“प्रशासन और एमपीआरडीसी के बीच हुए लिखित समझौते के बाद अब धरातल पर काम दिखने की उम्मीद है। हमारा उद्देश्य केवल सुरक्षा है ताकि भविष्य में किसी और का घर न उजड़े।”
— बंटी डाबी, समाजसेवी
समिति का गठन अभी बाकी
हालांकि निरीक्षण और आश्वासन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन सड़क संबंधी सुरक्षा कमेटी का विधिवत गठन होना अभी शेष है। विभाग के अनुसार, कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में अधिकारी की सक्रियता से स्थानीय निवासियों में काम जल्द शुरू होने की संभावनाएं और उम्मीद जागी है।

